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राजस्थान के 5 जिलों में रेतीला तूफान आया

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राजस्थान के 5 जिलों में रेतीला तूफान आया

राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में  मौसम ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया है  कि दिन में ही रात जैसा अंधेरा छा गया है राजस्थान के  श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, चूरू और सीकर जिलों में पाकिस्तान की ओर से उठे भीषण रेतीले तूफान ने जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर रखा है..  बता दे  दोपहर के समय अचानक तेज धूल भरी आंधी चलने लगी और देखते ही देखते आसमान धूल के गुबार से भर गया। 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के कारण करीब 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र प्रभावित हुआ है और  कई इलाकों में दृश्यता बेहद कम होती नजर आयी....  जिससे सड़क यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को दिन में ही वाहनों की हेडलाइट जलानी पड़ने की नौबत आयी..  सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लोग खुद को बचाने के लिए घरों और दुकानों में शरण लेते नजर आये...  स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने पहले कभी इतना भयावह रेतीला तूफान कभी  नहीं देखा। कई लोगों ने ये भी दावा किया कि धूल का गुबार 80 से 100 फीट तक ऊंचा दिखाई दे रहा था, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पायी  है।

तूफान के असर से कई जगहों पर पेड़ उखड़े है  बिजली के खंभे टूट चुके है  और बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। प्रशासन और बिजली विभाग की टीमें नुकसान का आकलन करने में जुटी हैं। लेकिन इन सब में राहत की बात यह है की फिलहाल किसी प्रकार की जनहानि की सूचना सामने नहीं आई है। जानकारी के मुताबिक यह रेतीला तूफान पाकिस्तान के सिंध और आसपास के क्षेत्रों से उठा था, जिसका सीधा असर राजस्थान के सीमावर्ती जिलों पर देखने को मिला। वहीं प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और लू का सामना करना पड़ रहा है।

वही दूसरी ओर देश के अन्य राज्यों में भी मौसम का कहर लगातार जारी है। उत्तर प्रदेश और बिहार में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं में 48 लोगों की जान जाने की भी खबरें सामने आई हैं। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान घरों में सुरक्षित रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। इस बीच भारतीय मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले सात दिनों के भीतर केरल तट पर पहुंच सकता है। हालांकि विभाग ने इस साल मानसून के सामान्य से कमजोर रहने की भी आशंका भी जताई है। IMD के मुताबिक  जून से सितंबर के बीच देश में औसतन 78 सेंटीमीटर बारिश होने का अनुमान है, जबकि सामान्य मानसून का औसत 87 सेंटीमीटर माना जा रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि बिहार और उत्तर प्रदेश में सामान्य बारिश होने की संभावना है, लेकिन देश के कई अन्य हिस्सों, खासकर वर्षा आधारित कृषि क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। ऐसे में किसानों और आम लोगों की निगाहें अब मानसून की प्रगति और आगामी मौसम में होने वाली गतिविधियों पर बनी  हुई हैं।

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